श्री कुमार ने कहा कि 29 दिसंबर को बिहार के 5 जिला के मुख्यालय पर पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा जबकि 5 जनबरी को कुछ जिलों में प्रदर्शन आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में पटना में राज्य स्तरीय सम्मेलन किया जाएगा , उन्होंने कहा कि हमारे समाज के गरीबो का परंपरागत आय खत्म होते जा रहे हैं। बेरोजगार युवक जीविका के लिए महानगरों की ओर मुखातिब होने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से सरकारी नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों , न्यायपालिका और उच्च स्तर के सभी पदों को आरक्षण मुक्त करने की मांग की।
कहते हैं ना जब कोई आगे नहीं आता हैं तो अपने हक के लिए झंडा लेकर खुद ही आगे बढ़ना पड़ता है। इस कहावत को सत्य रूप में चरितार्थ कर रहे हैं बिहार के जहानाबाद के बाल्मीकि कुमार जो सवर्ण समाज और गरीब जाति को उसके हक दिलाने के लिए खुद आगे आये और इस अभियान में उन्होंने हजारों लोगो को जोड़ा। ये कहना गलत नहीं होगा की बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के धुमिल होते सपने को सच करने का जिम्मा बाल्मीकि ने उठा लिया है। श्रीबाबू समाज के उत्थान के लिए जातिबादी व्यवस्था खत्म करने का कोशिश मंदिर में दलित को प्रवेश करबा कर शुरुआत किये थे , उनका ये सपना उनके जीते जी न पूरा हो सका ना ही उनके बाद इसके बारे में कोई सोचा लेकिन बाल्मीकि उनके सपने को सच करने के लिए ‘ आरक्षण न्याय आन्दोलन’ नाम से एक संगठन की शुरुआत की जो धीरे – धीरे बड़ा आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। बाल्मीकि कुमार मानते हैं की गरीब सवर्ण समाज के लोगों को भी समान अवसर मिले और आरक्षण का आधार आर्थिक कर के गरीब सवर्णो को भी आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया जाए ताकि इस वर्ग के गरीब लोग भी समाज के मुख्यधारा में आ सकें।
इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए आने बाले समय में आरक्षण न्याय आन्दोलन के बैनर तले पूरे बिहार में प्रदर्शन किया जाएगा आन्दोलन के वरीय पदाधिकारी बाल्मीकि कुमार और उनके युवा टीम के नेतृत्व में पूरा बिहार में पैदल मार्च निकाला जाएगा , कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में इस समाज को हासिए पर ढ़केलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अजीब विडंबना है कि जिस समाज ने समय-समय पर देश और राज्य के उत्थान के लिए भारी कीमत चुकाई है आज वह हासिए पर चला गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों पर आरक्षण संबंधी हो रहे विरोध प्रदर्शन को भी न्याय आन्दोलन के बैनर तले संगठित करने की कोशिश की जाएगी।
उनका कहना था कि आने वाले समय में इसका गंभीर प्रभाव सामाजिक तथा राजनैतिक समीकरणों पर पड़ेगा। श्री कुमार ने कहा कि 29 दिसंबर को बिहार के 5 जिला के मुख्यालय पर पैदल मार्च का आयोजन किया जाएगा जबकि 5 जनबरी को कुछ जिलों में प्रदर्शन आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि फरवरी महीने में पटना में राज्य स्तरीय सम्मेलन किया जाएगा , उन्होंने कहा कि हमारे समाज के गरीबो का परंपरागत आय खत्म होते जा रहे हैं। बेरोजगार युवक जीविका के लिए महानगरों की ओर मुखातिब होने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से सरकारी नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों , न्यायपालिका और उच्च स्तर के सभी पदों को आरक्षण मुक्त करने की मांग की।
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